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मध्य प्रदेश की डेढ़ लाख से ज्यादा महिला अध्यापकों को नए साल में चाइल्ड केयर लीव (बच्चों की देखभाल के लिए छुट्टी) पर स्कूल शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर सरकार ने मुहर लगा दी है। उन्हें रोटेशन में छुट्टी दी जाएगी और इसमें भी प्राथमिकता का ध्यान रखा जाएगा। यदि एक ही समय में एक स्कूल से दो से ज्यादा महिला अध्यापक छुट्टी मांगती हैं, तो तय प्राथमिकताओं के आधार पर फैसला होगा।

महिला अध्यापकों की दो साल पुरानी मांग सरकार पूरी करने जा रही है। नए साल के पहले या दूसरे हफ्ते में यह आदेश जारी किए जा सकते हैं। इसके बाद नियमित महिला कर्मचारियों की तरह महिला अध्यापकों को भी 18 साल से कम उम्र के बच्चों की देखभाल के लिए टुकड़ों में 720 दिन की छुट्टी मिल सकती है |

रोटेशन में मिलेगी छुट्टी 

नए नियमों में रोटेशन में छुट्टी देने का प्रावधान किया गया है। यानी एक महिला अध्यापक को छुट्टी मिलेगी, तो अगली बार प्राथमिकता के आधार पर दूसरे को छुट्टी दी जाएगी। एक बार लाभ ले चुकी अध्यापक को स्कूल की दूसरी शिक्षिकाओं को दरकिनार कर छुट्टी नहीं दी जाएगी।

ऐसे तय होगी प्राथमिकता 

यदि एक ही स्कूल से दो महिला अध्यापक एक ही समय के लिए चाइल्ड केयर लीव मांगती हैं, तो जिला शिक्षा अधिकारी प्राथमिकता के आधार पर फैसला लेंगे। ऐसे में उस महिला अध्यापक की छुट्टी पहले स्वीकृत की जाएगी। जिसका बच्चा छोटा होगा, बीमार होगा या परीक्षा की तैयारी कर रहा होगा।

सरकार सम्मेलन में करना चाहती है घोषणा 

चुनावी साल में सरकार के ये प्रयास भी चल रहे हैं कि मुख्यमंत्री शिक्षकों के सम्मेलन में चाइल्ड केयर लीव देने की घोषणा करें और इसके अगले एक-दो दिन में आदेश जारी हो जाएं। ये सम्मेलन पिछले एक साल से टल रहा है |

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